Largest online crypto casino

  1. Lightning Roulette En Alemania: The casino didnt stray too much from the common practice, but failed to make the necessary adjustments that would improve their visibility beyond Scandinavian borders.
  2. Πόσες Τράπουλες Χρησιμοποιούνται Όταν Παίζετε Το Παιχνίδι Καζίνο Fruit Shop; - Whether you're a high roller or a conservative player, there's a lot to like about Dr Jekyll Goes Wild.
  3. Ako Vyhrať V Mountain Legends 2 V Online Kasíne?: Here are some renowned Pai Gow software developers.

Slot cryptocurrency casino tricks

Kan Man Spille Wanted Dead Or A Wild Spil På Flere Casinoer Samtidigt
Its no wonder that this online casino is consistently ranked as one of the best in Australia, a favourite with players of all stake levels and preferences.
Oplev Det Spændende Spil Reactoonz I Kasinoet
Another great feature of the Barstool is the interactive bet slip.
This sign-up offer works as follows.

Best blackjack counting system

Gerard’s Gambit Kaszinó Játék Taktikák
I am sure that if you still have questions regarding slot machine payouts, now they are gone.
De Bedste Strategier Til At Maksimere Din Indtjening På Pirots
The customer service section can be visited to resolve any query or concern.
Ako Vytvoriť Víťaznú Mega Pyramid Stratégiu

Connect with us

शिक्षा

मिड डे मील में मीट-भात, बिरयानी… इस स्कूल में खूब परोसा जाता पौष्टिक भोजन

avatar

Published

on

राही हलदरकोलकाता : प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के सरकार लंबे समय से पूरे देश में मिड डे मील योजना चला रही है. योजना के तहत बच्चों को दोपहर में स्कूल में भोजन उपलब्ध करवाया जाता है.

भोजन में सरकार के दिशानिर्देशों के हिसाब से तरह-तरह की चीजें दी जाती हैं. लेकिन, कई जगहों से ऐसी खबरें आती हैं कि बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण नहीं होता. लेकिन, इस दिशा में पश्चिम बंगाल के स्कूल की प्रधानाचार्य ने एक नया मानक स्थापित किया है.

यह कहानी है कोलकाता के पास हुगली के फुरफुरा नारायणी बालिका विद्यालय की. यहां की छात्राएं अपने मध्याह्न भोजन से बहुत खुश हैं. विद्यालय में प्रतिदिन नए-नए व्यंजन बनाकर विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन दिया जाता है. यहां तक ​​कि छात्राओं को मौसमी फल भी दिए जाते हैं. तरह-तरह की मिठाइयां बांटी जाती है. मध्याह्न भोजन में मीट-चावल और बिरयानी भी शामिल है.

यह भी पढ़ें   Anant-Radhika की शादी में आने वाले मेहमानों को दिया जाएगा ये स्पेशल गिफ्ट, बनने में जुटे है दिव्यांग कारीगर

छात्राओं का दावा है कि अगर वे अपनी दादी-नानी से उनका पसंदीदा खाना मांगें तो वह अगले दिन मिड-डे मील में आ जाता है. उदाहरण के पौष पर्बन के बाद छात्राओं को पीठ खाने की प्रथा थी, जिसके अनुसार दोपहर के समय छात्राओं को अतिरिक्त रूप में खिचुरी के साथ-साथ पतिसप्ता भी दिया जाता था.

ऐसे मैनेज होता है लागत
इस विद्यालय में छात्राओं की संख्या लगभग 400 है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मृदला हलदर ने कहा कि पौष पर्बन के अवसर पर छात्राओं के लिए पतिसप्ता का आयोजन किया गया. लेकिन, हर दिन मिड-डे मिल में लड़कियों के लिए कुछ खास चीजें होती हैं. अतिरिक्त और अच्छा भोजन देने के लिए पैसे की बात प्रधानाध्यापिका बताती हैं कि ऐसा कोई खास तकनीक नहीं है. स्कूल के अतिरिक्त खर्च को बचाकर हम लोग ऐसा कर लेते हैं. उन्होंने बताया कि मिड डे मील के राशन खरीदने की जिम्मेदारी उन्होंने अपने कंधों पर ले रखी है. इस कारण चीजों को मैनेज कर बच्चों की पसंद की चीजों की भी खरीद हो जाती है.

यह भी पढ़ें   विद्या बालन हुई फेक इंस्टाग्राम अकाउंट की शिकर, सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस ने जानकारी देते हुए जताई चिंता

उन्होंने आगे कहा कि स्कूल के शिक्षक अगर थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें तो मिड डे मील काफी बेहतर हो सकता है. स्कूली छात्राओं को दोपहर के समय ताजा खाना खिलाना कैसे संभव है, इस सवाल पर प्रधान शिक्षक ने कहा कि इसका एकमात्र तरीका शून्य अपशिष्ट और मानव संसाधन है. उनके मुताबिक स्कूल के मिड-डे मील के लिए छात्रों, अन्य शिक्षकों या अभिभावकों से कभी कोई पैसा नहीं लिया गया. यह सब स्कूल के अन्य खर्चों को बचाने से संभव हुआ.

उन्होंने बताया कि स्कूल का खर्च बचाने के लिए शिक्षक अपना भोजन लेकर आते हैं. प्रधानाध्यापक के अनुसार यदि शिक्षकों के मानव संसाधन को अर्थव्यवस्था में परिवर्तित किया जा सके तो वही उनकी सफलता की कुंजी है.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

Gorakhpur News : आईएससी: पेपर आया आसान, लिखते- लिखते स्टूडेंट हुए परेशान

avatar

Published

on

गोरखपुर (ब्यूरो)। एग्जाम देकर बाहर निकले स्टूडेंट्स ने बताया कि पेपर आसान जरूर था, लेकिन उन्होंने उसे बहुत लेंदी बताया.
17 सेंटर पर ऑर्गनाइज हुए एग्जाम
आईएससी बोर्ड एग्जाम 17 सेंटर पर चल रहा है.

बोर्ड एग्जाम का पहला दिन होने के कारण सभी स्टूडेंट्स का परीक्षा से पूर्व टीचर्स ने आत्मविश्वास बढ़ाया और तिलक लगाकर मीठा खिलाकर परीक्षा हॉल के अन्दर भेजा गया. आईएससी के एग्जाम दोपहर दो से पांच बजे तक हुए. सभी सेंटर पर सीसीटीवी निगरानी में एग्जाम ऑर्गनाइज हुए.
आज अंग्रेजी का सेकेंड पेपर
आईएससी में दूसरे दिन मंगलवार को अंग्रेजी विषय का पेपर (लिट्रेचर) का होगा. दोपहर दो से पांच बजे तक एग्जाम प्रस्तावित है. इसके बाद 15 फरवरी को कॉमर्स, 16 फरवरी को जियोग्राफी, इलेक्ट्रीसिटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और जियोमेट्रिकल एंड मैकेनेनिकल ड्राइंग की परीक्षा होगी. तीन अप्रैल को आखिरी क्वेश्चन पेपर होगा.
हाईस्कूल का पहला पेपर 21 को
सीआईएससीई के अन्तर्गत 12 वीं के एग्जाम शुरू हो गए हैं. लेकिन 10 वीं के एग्जाम 21 फरवरी से स्टार्ट होंगे. दसवीं एग्जाम की शुरुआत भी अंग्रेजी विषय के साथ होगी. पहली पाली में सुबह 11 बजे से एक बजे तक एग्जाम होंगे. क्वेश्चन पेपर करने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा.
गोरखपुर में सेंटर और स्टूडेंट की संख्या
सेंटर – 17
12 वीं का एग्जाम दे रहे स्टूडेंट की संख्या – 1393
80 नंबर का था पेपर
एग्जाम को लेकर काफी प्रेशर था. पहले दिन इंग्लिश का पेपर था इसलिए प्रेशर कम रहा. पेपर भी आसान आया था. अच्छे नंबर मिलेंगे.
मिसिका, 12 वीं स्टूडेंट
पेपर आसान जरूर था लेकिन लेंदी था. काफी लिखना पड़ा. पहले दिन एग्जाम देने के बाद भटक खुल गई है. अब बोर्ड एग्जाम का प्रेशर बिल्कुल भी नहीं है.
सौम्या, 12 वीं स्टूडेंट
बहुत लेंदी पेपर आया था, लिखते-लिखते पसीना छूट गया. जो पढ़ा था, वहीं से सारे सवाल भी आए थे. इसलिए लिखते समय हाथ बिल्कुल ही नहीं रूका.
अनुकृति, 12 वीं स्टूडेंट
मेरे ऊपर बोर्ड एग्जाम का हौवा था, जो आज खत्म हो गया. मेरा पेपर बहुत अच्छा गया है. उम्मीद करती हूं कि इंग्लिश में मैं अच्छा स्कोर करूंगी.
सांभवी, 12 वीं स्टूडेंट
फस्र्ट पेपर बहुत अच्छा हुआ है. अब सेंकेंड पेपर में भी अच्छा परफारमेंस करके दिखाना है. टीचर्स ने जो भी पढ़ाया था, उन सभी चैप्टर से क्वेश्चन आए थे.
तनिशा, 12 वीं स्टूडेंट

यह भी पढ़ें   कश्मीर में जहां कभी पसरी रहती थी बर्फ की चादर आज मैदानी इलाकों में तब्दील सोशल मीडिया पर फोटो वायरल
Continue Reading

Viral News

BSEB 2024 : परीक्षा में नकल कर​ता पक​ड़ा गया छात्र… बोला “छोड़ दीजिए मैडम’​, पैर पकड़कर मांगी ​माफी

avatar

Published

on

Bihar Board Exam: 1 फरवरी से बिहार बोर्ड की परीक्षा शुरू हो चुकी है. बिहार बोर्ड परीक्षा में इस बार कई बदलाव किए गए हैं. हर बार की तरह इस बार भी बिहार बोर्ड की परीक्षा दो अलग-अलग शिफ्ट में कराने का फैसला लिया गया है.

परीक्षा कि पहली शिफ्ट सुबह के साढ़े 9 बजे से शुरू होगी और दूसरी शिफ्ट दोपहर के 2 बजे. बिहार बोर्ड कि परीक्षा समिति ने इस बार नकल को रोकने के लिए बड़े सख्त कदम उठाए हैं.

एग्जाम सेंटर पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इसके साथ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. परीक्षा केंद्र के भीतर परीक्षार्थी को मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर जाने कि सख्त पाबंदी है. बनाए गए नियमों का कोई छात्र उल्लंघन करते हुए पाया गाय तो परीक्षा समिति ने उस छात्र के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है. इस बीच इंटरनेट पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते पकड़ा गया है.

यह भी पढ़ें   विद्या बालन हुई फेक इंस्टाग्राम अकाउंट की शिकर, सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस ने जानकारी देते हुए जताई चिंता

परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया छात्र

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आप देख देख सकते हैं कि एक छात्र जमीन पर रोता-बिलखता हुआ दिख रहा है और उसके आसपास कुछ शिक्षक अधिकारी और कुछ पुलिस वाले खड़े हैं. महिला व अन्य अधिकारी उसके शर्ट से चिट निकलते हुए दिख रहे हैं. वीडियो में सुना जा सकता है कि महिला अधिकारी दूसरे अधिकारी से यह कहती नजर आ रही है कि “मोबाइल नहीं है, फोटो खीचिए”.

वीडियो में आप देखेंगे कि छात्र रोते हुए महिला अधिकारी से “मैडम छोड़ दीजिए…..छोड़ दीजिए मैडम” कह रहा है. साथ ही छात्र महिला अधिकारी पैर पकड़कर माफ़ी मांगता हुआ देखा जा सकता है. आगे कि वीडियो में आप सुनेंगे कि छात्र मैडम से ये कहते हुए नजर आ रहा है “‘छोड़ दीजिए मैडम, मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी.’ सोशल मीडिया पर ये वीडियो बड़ी तेजी के साथ वायरल हो रहा है.

Continue Reading

बिलासपुर

निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश, आवेदन 1 मार्च से

avatar

Published

on

बिलासपुर, 13 जनवरी 2024/लोक शिक्षण संचालनायलय के निर्देशानुसार बाल शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के तहत हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सत्र 2024-25 के लिए प्राईवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जायेगा। प्रवेश के लिए आरटीई डॉट सीजी डॉट इन (RTE.cg.nic.in) पोर्टल में ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।

विद्यार्थियों के लिए प्रथम चरण का पंजीयन 1 मार्च से 15 अप्रैल, नोडल अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजों की जांच 18 अप्रैल से 17 मई, लॉटरी का आबंटन 20 मई से 30 जून तक एवं स्कूल दाखिला 1 जून से 30 जून तक किया जाएगा।

यह भी पढ़ें   बेमेतरा जिला निर्वाचन कार्यालय एवं खाद्य विभाग बेमेतरा में रिक्त निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन

द्वितीय चरण का पंजीयन 1 जुलाई से 8 जुलाई, नोडल अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजों की जांच 9 जुलाई से 15 जुलाई, लॉटरी का आबंटन 17 जुलाई से 20 जुलाई तक एवं स्कूल दाखिला 22 जुलाई से 31 जुलाई तक किया जाएगा।

प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेज विद्यार्थी का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का पता और पहचान पत्र, बी.पी.एल. सर्वे सूची वर्ष 2002-03 या वर्ष 2007-08 या सामाजिक एवं आर्थिक जातिगत जनगणना सर्वेसूची 2011 में नाम हो, जाति प्रमाण पत्र, अगर मानसिक रूप से विकलांग है तो सरकारी अस्पताल से 40 प्रतिशत तक का प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending